सिरोही बकरी मुख्य रूप से पश्चिमी भारत में स्थित राजस्थान के सिरोही जिले में पाई जाने वाली मध्यम आकार की नस्ल है। इसके अतिरिक्त सिरोही बकरी अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक और जयपुर जिलों में भी पाई जाती है। सिरोही बकरियां गुजरात राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों में भी उपलब्ध हैं।

सिरोही बकरियों का रंग हल्के या गहरे भूरे रंग के धब्बो के साथ मुख्य रूप से भूरा होता है। अवसर पर, कोट रंग में पूरी तरह से सफेद हो सकता है। सिरोही बकरियों की नाक छोट और उभरी होती है। कान लम्बे और लटकते रहते है। पूंछ मुड़ी हुई होती है। इसके शरीर के बाल मोटे एवं छोटे होटे है।
सिरोही बकर दोहरे उद्देश्य वाली बकरियां हैं, जो दूध और मांस दोनों के लिए पाली जाती हैं। सिरोही बकरियां में बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता होती हैं। साथ ही और कठिन जलवायु परिस्थितियों को सहने की अधिक क्षमता होती है।
हालांकि सिरोही बकरियों के मुख्य प्रजनन क्षेत्र राजस्थान की अरावली पहाड़ियों में स्थित हैं, फिर भी वे कई अन्य भारतीय राज्यों में भी पायी जाती है। बकरी प्रतिदिन 0. 75-1 लीटर तक दूध देती है।
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पशुचिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग, उत्तराखण्ड, भारत


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