पशुपालन समाचार

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला ने पशु महामारी तैयारी पहल और विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित “एक स्वास्थ्य के लिए पशु स्वास्थ्य प्रणाली सहायता” का शुभारंभ किया

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला ने आज पशु महामारी तैयारी पहल और विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित “एक स्वास्थ्य के लिए पशु स्वास्थ्य प्रणाली सहायता” का शुभारंभ किया, जिससे भारत की तैयारियों और एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण के अनुरुप संभावित पशु महामारी की प्रतिक्रिया को बढ़ावा दिया जा सके। >>>

पशुपालन समाचार

भविष्य में महामारियों से बचने का एकमात्र तरीका “वन हेल्थ”- सचिव, एएचडी

भविष्य की महामारियों से हमें बचाने का एकमात्र तरीका “वन हेल्थ” नामक एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना है, जो लोगों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य पर केंद्रित है। मजबूत पशु स्वास्थ्य प्रणालियां, वन हेल्थ दृष्टिकोण के आवश्यक भाग के रूप में बहुत महत्वपूर्ण हैं और गरीब किसानों की खाद्य सुरक्षा और आजीविका का समर्थन करने और उभरते संक्रामक रोगों (ईआईडी) और ज़ूनोसिस और एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) के जोखिम में कमी लाने के लिए आवश्यक हैं >>>

पेट केयर

अपने पालतू जानवर को रेबीज़ से बचाये

रेबीज तंत्रिका तंत्र की एक बीमारी है जो एक वायरस द्वारा होती है ,जो मनुष्य और जानवर दोनों को प्रभावित करता है। यह वायरस तंत्रिका तंत्र द्वारा मस्तिष्क को संक्रमित करता है और अंततः यह मौत का कारण बनता है। रेबीज गर्म खून वाले जानवरों की बीमारी है, आमतौर पर यह लोमड़ियों, झालरों, चमगादड़ों, मवेशियों, घोड़े, कुत्ते और बिल्लियाँ में होता है। >>>

पशुपालन

वैश्विक स्वास्थ्य के लिए ‘एक स्वास्थ्य’ की ओर भारत के बढ़ते आवश्यक कदम

विश्वभर में 70 प्रतिशत से भी अधिक संक्रामक रोग प्राणीरूजा हैं जो पशुओं से मनुष्यों में फैलते हैं और इनकी संख्या और प्रकोप में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्राणीरूजा रोगों के फैलने से न केवल >>>

पब्लिक हेल्थ

Cercarial Dermatitis त्वचाशोथ (तैराक की खुजली)

Cercarial जिल्द की सूजन (जिसे क्लैम-डिगर की जिल्द की सूजन, शिस्टोसोम डर्मेटाइटिस, सेज पूल खुजली, तैराक की खुजली भी कहा जाता है) अमानवीय स्किस्टोसोम के सेरेकेरिया (लार्वा) द्वारा त्वचा के संक्रमण के >>>

सालमोनेलोसिस एक पशुजन्य बीमारी: कारण, उपचार एवं नियंत्रण
पशुओं की बीमारियाँ

सालमोनेलोसिस एक पशुजन्य बीमारी: कारण, उपचार एवं नियंत्रण

सालमोनेलोसिस को, टाइफाइड, पैराटायफाइड फीवर एवं एंटरिक फीवर भी कहते हैं। यह एक भयंकर अति संक्रामक रोग है जो सालमोनेला प्रजाति के जीवाणु द्वारा फैलता है। यह लगभग अधिकांश प्रकार के पशुओं में पाया जाता >>>

Veterinarian Response to the COVID-19 Crisis
पशुचिकित्सा

पशु स्वास्थ्य कर्मियों का कोविड-19 महामारी के दौरान पशु और मानव स्वास्थ्य में सुरक्षात्मक योगदान

कोविड-19 महामारी के दौरान, हर जगह ऐसे हालात थे कि सभी अपने-आपको बचाने में लगे हुए थे तो वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सा कर्मी पशुपालकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखायी दिये >>>

Veterinarian response to the Covid-19 crisis
भेड़ बकरी पालन

कोविड-19 संकट में पशुचिकित्सा प्रतिक्रिया: डीएसटी परियोजना के तहत उत्तराखंड राज्य में बकरी आधारित तकनीकी और आजीविका सुधार

जैसा कि हम जानते हैं कि पूरा देश कोविड-19 महामारी के इस महत्वपूर्ण समय से गुजर रहा है, हमारी परियोजना टीम ने बड़ी संख्या में भूमिहीन, सीमांत और छोटे बकरी किसानों >>>

पशुचिकित्सा

कोविड-19 संकट से उबरने मे पशुचिकित्सक की भूमिका

पूरे विश्व ने पिछले वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी से संघर्ष किया तथा चालू वर्ष 2021 में फिर से कोविड-19 का दूसरी लहर शुरू हो गया है। कोविड-19 महामारी के कारण बहुत सारे सेक्टर का आर्थिक विकास बुरी त >>>

पशुचिकित्सा

वैश्विक महामारी (कोविड -19) के दौरान: एकीकृत कृषि प्रणाली एक वरदान

एकीकृत कृषि प्रणाली (आई.एफ.एस) अपनाने से वैश्विक आपदाओं (कोविड -19) के समय रोज़गार सृजन के साथ साथ संसाधनो के उचित उपयोग की संभावनाए भी प्रबल होगी। >>>

पशुचिकित्सा

कोरोना वैश्विक महामारी काल में पशुओं मे होने वाले रोगों की रोकथाम

आज पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी की गिरफ्त मे है। हमारा देश भी इस महामारी से अछूता नहीं है। इस बीमारी से बचने के लिए हम सवको घर से कम से कम बाहर निकलना चाहिए इस कड़ी में किसान भाइयो एवं पशु पालको >>>

पशुचिकित्सा

कोविड-19 महामारी के दौरान रोग नियंत्रण हेतु पशु चिकित्सकों द्वारा किया गया योगदान

कोरोना काल में पूरे विश्व में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जान जोखिम में डालकर पशुचिकित्सकों द्वारा कोरोना नियंत्रण कार्यक्रमों में बॉर्डर पर सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग में अपनी >>>

पशुचिकित्सा

कोविड-19 संकट में पशु-चिकित्सकों की प्रतिक्रिया

वर्ष 2020 की पहली छमाही की शुरुवात ही से शुरू, कोविड-19 वायरस दुनिया के लगभग सभी देशों में फैल गया है। कई देशों ने संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए देशव्यापी और क्षेत्रीय लॉक-डाउन की शुरुआत भी की >>>