बछड़ों को पेशाब रुकने अर्थात पेशाब के बंधे से कैसे बचाएं?

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सर्दियों के दिनों में अक्सर बछड़ों एवं कटड़ों को पेशाब के रुकने से होने वाली परेशानी बंधे से बचाने के लिए नौसादर का प्रयोग उपयुक्त माना गया है। जैसा कि हम सभी जानते हैं सर्दियों में पेशाब का रुकना बछड़ों एवं कटड़ों के लिए अक्सर जानलेवा साबित होता है। पेशाब का रुकना बछड़ों एवं कटड़ो के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। पूर्व में इन बछड़ों की शल्य क्रिया  यूरेथ्राटॉमी द्वारा की जाती थी। यह मुश्किल होता था तथा ऑपरेशन के पश्चात काफी कम बछड़े बच पाते थे। परंतु अब पेशाब रुकने से छुटकारा पाने के लिए अधिकतर ऑपरेशन कामयाब होते हैं क्योंकि अब शल्यक्रिया की नई तकनीक सिस्टोटोमी आ गई है। जिससे सीधा मूत्र की थैली में कैथेटर डालकर पेशाब रुकने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता हैl 10 दिन के बाद सामान्य नली से पेशाब उतरना शुरू हो जाता है। परंतु उपरोक्त कार्य किसी योग्य पशु चिकित्सक से ही कराएं।

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 पेशाब रुकने का कारण

  •  बछड़ीओं एवं कटड़ियों में पेशाब रुकने की समस्या बहुत ही कम होती है।
  • यह समस्या प्राय: बछड़ों एवं कटड़ों मैं होती है । कटरो या बछड़ों में मूत्र नली के सिगमॉड फ्लैक्सर के कारण स्टोन जमा हो जाता है जिसे आम भाषा में पथरी कहा जाता है ।
  •  पथरी अधिकांशत खाने पीने की चीजों या पानी  की वजह से बन जाती है और पेशाब के रास्ते को रोक देती हैं।
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 बचाव

बछड़ों एवं कटरों को पेशाब के रुकने की बीमारी से बचाने के लिए 20 से 25 ग्राम नौसादर सप्ताह में एक बार गर्म पानी में पिलाना चाहिए। परंतु पानी का तापमान 37 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक ना हो।

जिन बछड़ों या कटड़ो को पेशाब रुक जाता है उनमें अधिकतर ऑपरेशन ही कामयाब है। परंतु अधिकांश मामलों में पेशाब उतारने का इंजेक्शन प्रयोग में लाया जाता है। पेशाब की रुकावट होने पर इंजेक्शन के बाद पेशाब का दबाव बढ़ जाता है और मूत्र की थैली अर्थात ब्लैडर फट जाता है और पेशाब नीचे के भाग में फैलकर  जानलेवा बन जाता है।

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इस लेख में दी गयी जानकारी लेखक के सर्वोत्तम ज्ञान के अनुसार सही, सटीक तथा सत्य है, परन्तु जानकारीयाँ विधि समय-काल परिस्थिति के अनुसार हर जगह भिन्न हो सकती है, तथा यह समय के साथ-साथ बदलती भी रहती है। यह जानकारी पेशेवर पशुचिकित्सक से रोग का निदान, उपचार, पर्चे, या औपचारिक और व्यक्तिगत सलाह के विकल्प के लिए नहीं है। यदि किसी भी पशु में किसी भी तरह की परेशानी या बीमारी के लक्षण प्रदर्शित हो रहे हों, तो पशु को तुरंत एक पेशेवर पशु चिकित्सक द्वारा देखा जाना चाहिए।

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