पशुओं में जलवायु परिवर्तन और गर्मी में तनाव पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन

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बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और भा.कृ.अ.प. के राष्ट्रीय कृषि उच्चतर शिक्षा परियोजना संयुक्त तत्वावधान में पशुधन में जलवायु परिवर्तन, गर्मी से तनाव, उनपर पड़ने वाले प्रभाव और उनके समाधान के विषय पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के पशु चिकित्सा शरीर क्रिया विज्ञान विभाग द्वारा किया गया।

इस प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा जलवायु परिवर्तन और गर्मी में पशुओं को तनाव मुक्त और उत्पादकता को प्रभावित किए बिना अपनायी जाने वाली वैज्ञानिक तकनीक से अवगत कराया।

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दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला के पहले दिन भा.कृ.अ.प. राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के पशु पोषण विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.एन.के.एस. गौड़ा ने फ़ीड संसाधन और प्रौद्योगिकी की मदद से पोषक तत्वों के प्रबंधन पर अपना व्याख्यान दिया, उन्होंने कहा की पशुओं को सूखा चारा में सिर्फ धान और गेहू का भूसा न खिलाये बल्कि भुट्टे और ज्वार के भूसे को भी उपयोग में लाये, भुट्टे के ऐसे प्रजाति की खेती करे जो पहली और दूसरी कटाई में भी काम आ सके साथ ही तीनों मौसमों में अलग-अलग प्रजातियों के मकई की फसल उगाये। उन्होंने आगे कहा की गर्मी के दिनों में पशुओं पर हीट स्ट्रेस बहुत बड़ी समस्या है जो सीधे तौर पर उनके उतपादकता को हानि पहुंचता है, इसके समाधान के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स का प्रचुर मात्रा में प्रयोग करे, जो फ़ूड सप्लीमेंट्स से प्राप्त किया जा सकता है। विटामिन-ई और सल्लेनियम एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है जो पशुओं को तनावमुक्त रखता है।

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डॉ.आर.सी.उपाध्याय, भूतपूर्व प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल ने ग्लोबल वार्मिंग: पशुधन पर प्रभाव, अनुकूलन और शमन रणनीतियों पर अपना व्याख्यान दिया उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण मनुष्यों से अधिक प्रभावित हमारे पशु है जो मौसम में हो रहे बदलाव के अनुकूल खुद को ढालने में असमर्थ है। पशुचिकित्सा महाविद्यालय, मथुरा के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग के प्रोफेसर-सह-हेड डॉ. अरुण मदान ने गर्मी के तनाव के वजह से मांस की गुणवत्ता पर प्रभाव विषय पर प्रकाश डाला।

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इस अवसर पर कुलपति डॉ. रामेश्वर सिंह, निदेशक अनुसंधान डॉ. रविंद्र कुमार, डीन वेटनरी डॉ. जे.के.प्रसाद, शरीर क्रिया विज्ञान विभाग हेड डॉ. प्रमोद, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सरोज कुमार रजक, डॉ. एस.पी. साहू, डॉ. संजय भारती, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. संजीव सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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