6 फरवरी 2019: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गौवंश के संरक्षण,सुरक्षा और विकास के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।

आयोग का प्रभाव
राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना से देश में स्वदेशी गाय सहित गायों के संरक्षण, सुरक्षा और विकास को बल मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप देश में पशुधन क्षेत्र का तीव्र विकास होगा, जिसका लाभ विशेष रूप से महिलाओ और छोटे एवं सीमांत किसानो को मिलेगा।
राष्ट्रीय कामधेनु आयोग गायों के प्रजनन,पालन, जैविक खाद और बॉयोगैस आदि के क्षेत्र में कार्यरत केंद्र और राज्य सरकार के विभागो और संगठनो तथा पशुचिकित्सा, पशु विज्ञान और कृषि विश्वविद्यालयो के साथ मिलकर कार्य करेगा।
आयोग की पृष्ठभूमि
गोवंश के संरक्षण, सुरक्षा और विकास के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना से देश में गाय के संरक्षण हेतु नीतिगत ढांचा और दिशा मिलेगी और इससे गायों के कल्याण के लिए कानूनों का उचित क्रियान्यवन सुनिश्चित किया जा सकेगा। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना केंद्रीय बजट 2019-20 में की गई घोषणा के अनुरूप की गई है।
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