बिहार वेटनरी कॉलेज में दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन

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11 सितम्बर 20 19: बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय में बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी में नव प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ र्कायक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह, डीन डॉ जे.के. प्रसाद, निदेशक अनुसंधान डॉ रविन्द्र कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी मात्स्यिकी महाविद्याय, किशनगंज डॉ के.जी. मंडल और निदेशक छात्र कल्याण डॉ रमन त्रिवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस पाठ्यक्रम में देश भर से कुल 58 छात्र-छात्राओं ने दाखिला प्राप्त किया है, नीट और बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा में उतीर्ण होकर इस पाठ्यक्रम में नामांकन प्राप्त किया जाता है।

इस अवसर पर डॉ अजीत कुमार ने अकादमिक रूल्स रेगुलेशन की जानकारी दी, डॉ दीपक कुमार ने लाइब्रेरी के उपयोग और नियमों की जानकारी दी, डॉ पुरुषोत्तम कौशिक ने स्पोर्ट्स और कल्चर की सुविधाओं पर जानकारी सांझा किया,और डॉ सुषमा ने होस्टल रूल्स से विद्यार्थियों को वाकिफ कराया।

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्नेवर सिंह ने नव प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा की पशुचिकित्सा का क्षेत्र व्यापक संभावनाओं से भरा क्षेत्र है, और बहुत ही वैभवपूर्ण पेशा है। इस पेशे के तहत हम पशुओं के प्रति अपनी मानवता का परिचय देते है। आप ऐसे मरीजों का उपचार करेंगे जो अपने भावनाओं को बोलकर प्रकट नहीं कर पाएँगे पर आपके प्रति उनके स्वास्थ लाभ का कृतज्ञता उनके आँखों पर देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा की छात्र अन्याय को बर्दास्त न करे, अन्याय के प्रति अपनी आवाज़ को बुलंद करे। किसी भी शैक्षणिक संस्थान की पहचान उनके छात्रों के उपलब्धि और सफलता में निहित है, अतः आप सभी बेहतर करे, विश्वविद्यालय आपके लिए हर संभव मदद के लिए तत्पर है और आपकी जायज समस्यओं का समाधान किया जायेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन में रहने को कहा और अकादमिक कार्यकर्मो में बढ़- चढ़कर हिस्सा लेने को कहा।

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बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ जे.के. प्रसाद ने वेटनरी साइंस और एनिमल हसबेंडरी के इतिहास के साथ बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला, उन्होंने लैब फैसिलिटी, एडवांस क्लिनिकल डाईगोनेस्टिक फैसिलिटी, महाविद्यालय में सकारात्मक बदलाव, विगत वर्षो की उपलब्धियां और इस क्षेत्र में रोजगार के संभावनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर निदेशक छात्र कल्याण डॉ रमण त्रिवेदी ने छात्र कल्याण निदेशालय के कार्यो का जानकारी दिया साथ ही विश्वविद्यालय के कार्यों और अकादमिक में हो रहे कार्यो पर आपनी बातें रखी। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक और प्रथम व् द्वितीय वर्ष के सभी छात्र-छात्राएं शामिल थे।

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