“राष्ट्रीय कामधेनु आयोग” की पहली बैठक डॉ वल्लभ कथीरिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई

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3 मार्च 2019: भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, पशुपालन और डेयरी विभाग के तहत गठित  “राष्ट्रीय कामधेनु आयोग” की पहली बैठक डॉ वल्लभ कथीरिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग का गठन गायों के संरक्षण और विकास के लिए किया गया है।

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की पहली बैठक में “राष्ट्रीय गोकुल मिशन” (RGM) की स्थिति, इसके कार्यान्वयन और उपलब्धियों पर विचार-विमर्श किया। सदस्यों ने देश में गायों और इसकी संतानों के बेहतर संरक्षण, संरक्षण और विकास के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग को लागू करने के उद्देश्य तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

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सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग का गठन कर अपना संवैधानिक जनादेश पूरा किया है, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के उद्देश्यों में आधुनिक और वैज्ञानिक तर्ज पर गाय की नस्लों के संरक्षण और गायों के कत्ल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कदम उठाने के लिए राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (अनुच्छेद 48) में गाय के बछड़े और अन्य दुधारू मवेशी के संरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान है।

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