राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान योजना (फेज-2) का शुभारंभ

4.7
(18)

आज दिनांक 31 जुलाई 2020 को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान योजना (फेज-2) का शुभारंभ किसान भवन रिंग रोड, देहरादून में माननीया पशुपालन मंत्री श्रीमती रेखा आर्य जी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में निदेशक, पशुपालन डॉ. के.के. जोशी जी, सीईओ यूएलडीबी डॉ. एम.एस. नयाल जी, सीईओ यूएसडब्ल्यूडीबी डॉ. अविनाश आनंद जी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ एस.बी. पांडे जी, नोडल अधिकारी (NAIP) डॉ. प्रमोद पाठक जी आदि की गणमान्य उपस्थिति रही।

इस योजना की अवधि 01.08.2020 से 31.05.2021 तक होगी। इस अवधि में पशुपालकों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता का वीर्य निःशुल्क व कृत्रिम गर्भाधान सुविधा कृषक द्वार पर उपलब्ध कराई जायेगी।

और देखें :  मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत समेकित सहकारी विकास परियोजना व गंगा गाय महिला डेरी योजना में दुधारू पशु क्रय कार्यक्रम का शुभारम्भ

इस अभियान का शुभारंभ श्री प्रतीक, रायपुर के पशुपालक की 2 गायों में कृत्रिम गर्भाधान करते हुए किया गया। इस अभियान से कृत्रिम गर्भाधान का आच्छादन प्रतिशत 50% तक हो सकेगा जो वर्तमान में मात्र 33% है।

माननीया मंत्री जी द्वारा अपेक्षा की गई कि पशुपालन विभाग के समस्त अधिकारी इस कार्य को मिशन मोड में संचालित करें, ताकि कृषकों की आजीविका वृद्धि हो सके। इस अभियान में रु.1150 मूल्य का वीर्य मात्र रु. 100 में उपलब्ध होगा जो सरकार की ओर से पशुपालकों को अमूल्य तोहफा है।

इस अवसर पर कृषकों से अपील की गई कि योजना में प्रतिभाग कर माननीय प्रधानमंत्री जी के 2022 तक कृषक आय दोगुना करने के लक्ष्य प्राप्ति में सहभागी बनें।

और देखें :  डेयरी पशुओं में मध्य मदचक्र अर्थात मिड साइकिल हीट की समस्या का समाधान

यह लेख कितना उपयोगी था?

इस लेख की समीक्षा करने के लिए स्टार पर क्लिक करें!

औसत रेटिंग 4.7 ⭐ (18 Review)

अब तक कोई समीक्षा नहीं! इस लेख की समीक्षा करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

हमें खेद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी नहीं थी!

कृपया हमें इस लेख में सुधार करने में मदद करें!

हमें बताएं कि हम इस लेख को कैसे सुधार सकते हैं?

Author

और देखें :  बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान: अति लाभकारी तकनीक

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*