झारखंड के किसानों का दल इज़राइल रवाना

5
(80)

झारखंड से 26 किसानों के दल को इजरायल की यात्रा पर रवाना करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि उन्नत तकनीक उन्नत किसान होगी झारखंड की नई पहचान।

मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र दिन किसानों की आय वृद्धि की रक्षा का संकल्प के साथ आप इजरायल  जा रहे हैं। वहां जाकर वहां की उन्नत तकनीक को वहां के किसानों के अनुभवों को जानने और सीखने पर अपना पूरा समय दें और उन अनुभवों को अपनी खेती में उतारे। साथ ही राज्य के अन्य किसानों को भी इन अनुभवों का लाभ दें। उन्होंने कहा झारखंड से भी क्षेत्रफल में छोटा देश होते हुए भी इजरायल अपने कृषि पैदावार के बल पर राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में भारत से भी आगे हैं। जहां अच्छा हो रहा है उससे हमेशा ही सबक लेना चाहिए और उसी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। इस भावना से ही हमारे किसान इजरायल जा रहे हैं।

और देखें :  श्री परशोत्तम रूपाला ने विशेष पशुधन क्षेत्र पैकेज के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों के पशुपालन/पशु चिकित्सा मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय स्तर की एक बैठक की अध्यक्षता की

झारखंड खाद्यान्न की आपूर्ति में आज पीछे है परंतु वह दिन दूर नहीं जब झारखंड न केवल आत्मनिर्भर होगा बल्कि देश के अन्य राज्यों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराएगा। किसानी या खेती के अर्थ को भी व्यापक रूप से लेने की आवश्यकता है। इसमें केवल खेती नहीं बल्कि मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी इत्यादि सब सम्मिलित है किसानों का अपना FPO फ़ूड प्रोडयुसिंग आर्गेनाईजेशन बने, जिसके किसान ही मालिक हों।

किसानों ने मुख्यमंत्री से अपनी उम्मीद और अपेक्षाओ को लेकर बात की। मो अब्दुल कयूम किसान ने कहा कि हम वहां के अनुभवों का लाभ लेकर झारखण्ड को कृषि के क्षेत्र में पूरे देश में सबसे आगे ले जाएंगे। गंदुरा उराँव किसान ने कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हम इजरायल जाकर सीखेंगे। नमन टोपनो किसान ने कहा कि किसानों की आय दुगनी हों इसके लिए मुख्यमंत्री जो प्रयास कर रहे हैं वह जरूर पूरा होगा।

इस अवसर पर कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि राज्य के किसानों का दल रांची से चलकर 11 बजे नई दिल्ली पहुंचेगा। वहां से 4:50 में इजरायल के लिए प्रस्थान करेगा। 4 दिनों तक वहां डेयरी फार्म, फलों और सब्जियों के पैदावार, ड्रिप इर्रिगेशन का कार्य देखेंगे तथा वहां के किसानों से वार्ता करेंगे और उनके अनुभवों को और अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

और देखें :  कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए भारत और लेबनान के बीच समझौता

किसानों के साथ कृषि निदेशक श्री रमेश घोलप, हजारीबाग के उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला, गढ़वा की उपायुक्त श्रीमती नेहा अरोड़ा, हॉर्टिकल्चर निदेशक श्री विजय सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ सुभाष सिंह भी साथ जा रहे हैं।

यह लेख कितना उपयोगी था?

इस लेख की समीक्षा करने के लिए स्टार पर क्लिक करें!

औसत रेटिंग 5 ⭐ (80 Review)

अब तक कोई समीक्षा नहीं! इस लेख की समीक्षा करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

हमें खेद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी नहीं थी!

और देखें :  भारतीय नस्लों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हेतु ब्राज़ील से लिया जा रहा है तकनीकी सहयोग

कृपया हमें इस लेख में सुधार करने में मदद करें!

हमें बताएं कि हम इस लेख को कैसे सुधार सकते हैं?

Author

1 Trackback / Pingback

  1. epashupalan: Animal Husbandry, Livestock News, Livestock information, eपशुपालन समाचार, पशुपालन की जानकारी

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*