गोवध पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास- केंद्र

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28 जून 2019: मत्स्य, पशुपालन और डेरी राज्य मंत्री डॉ0 संजीव कुमार बाल्यान ने आज राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी कि मूलभूत पशुपालन तथा मात्स्यिकी सांख्यिकीय 2018 के आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 के दौरान 34.10 लाख  गो-पशुओं का वध किया गया। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देश भर में 719 बूचड़खानों के पास राज्यों के लाइसेंस हैं और 155 बूचड़खानों के पास केंद्रीय लाइसेंस है।

भारतीय संविधान के अनुसार मवेशियों का संरक्षण एक ऐसा मामला है, जिस पर राज्यों के विधायिका को कानून बनाने के लिए विशेष अधिकार प्राप्त हैं। इसलिए, यह राज्यों पर निर्भर है कि वे गायों के वध पर कानून बनाए। कई राज्यों ने गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून बनाए हैं और राज्य अधिनियम में आरोपी व्यक्ति को दंडित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार, पड़ोसी देशों में पशु व्यापार और पशु तस्करी को रोकने के लिए उठाए गए प्रभावी कदमों की जानकारी एकत्र की जा रही है, और इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।

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