पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में मुख्य रक्त परजीवी रोगों के कारण एवं निवारण

पशुओं में पाए जाने वाले विभिन्न रक्त परजीवी रोग पशु चिकित्सा में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इन रक्त परजीवी रोगों से पशुओं का उत्पादन कम हो जाता है तथा ससमय उपचार न मिलने पर पशु की मृत्यु भी हो >>>

Method of making various medicines for the treatment of animals and their use
पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं के उपचार के लिए विभिन्न औषधियां बनाने की विधि तथा उनका उपयोग

औषधि वह पदार्थ है जिन की निश्चित मात्रा शरीर में निश्चित प्रकार का असर दिखाती है। इनका प्रयोजन पशुओं के उपचार में होता है। किसी भी पदार्थ को औषधि के रूप में >>>

पशुओं की बीमारियाँ

डेयरी पशुओं में सिस्टिक ओवेरियन डिजनरेशन

सिस्टिक ओवेरियन डिजनरेशन अंडाशय की वह स्थिति है जिसमें अंडाशय पर एक बड़ा सिस्ट या अप्राकृतिक फॉलिकल बन जाता है। जो लगभग 2.5 सेंटीमीटर या बड़े आकार का तरल पदार्थ से भरा हुआ यह सिस्ट कार्पस लुटियम की >>>

herbal Plants in veterinary
पशुओं की बीमारियाँ

परंपरागत पशु औषधी विज्ञान की ऐतिहासिक यात्रा

परंपरागत औषधी विज्ञान, उतना ही पुराना है जितनी मानव सभ्यता है। मानव ने अपनी आवश्यकतानुसार पशुओं को पालना शुरू किया और उनका उपचार भी मनुष्य द्वारा उनके पालने के साथ ही सहस्राब्धियों पुराना ही है। >>>

पशुओं में होनें वाले अतिसार (दस्त की बीमारी) एवं उससे बचाव
पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में होनें वाले अतिसार (दस्त की बीमारी) एवं उससे बचाव

अतिसार स्वयं एक बीमारी न होकर अन्य बीमारियों का लक्षण है, जिसमें पशु बार-बार पतला गोबर करता है, निर्वल होता जाता है तथा पशु के शरीर में पानी व प्रमुख तत्वों की कमी हो जाती है। कारण इस रोग के अनेक >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में पूयगर्भाशयता (पायोमेट्रा): कारण एवं निवारण

जब गर्भाशय में मवाद या म्यूकस मिली मवाद भर जाती है तो ऐसी स्थिति को पूयगर्भाशयता अथवा पायोमेट्रा कहते हैं। ऐसी स्थिति में अंडाशय पर पीत काय/ कार्पस लुटियम बना रहता है तथा पशु गर्मी में नहीं आता है। >>>

पशुओं में होनें वाले रूमन अम्लीयता रोग एवं उससे बचाव
पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में होनें वाले रूमन अम्लीयता रोग एवं उससे बचाव

रूमन अम्लीयता यह रोमन्थी पशुओं का वह रोग है जो कि उन पदार्थो के अधिक मात्रा में खाने से होता है जिसमें बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट सर्करा पाया जाता है। यह स्थिति मुख्यतः किसी किसी त्योहार या समारोह >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में होनें वाले अपच/ बदहजमी रोग एवं उससे बचाव

अपच/ बदहजमी जुगाली करने वाले बीमार पशुओं में लगभग 50 से 80 प्रतिशत बीमार पशु इस रोग से ग्रसित होते हैं। इस रोग में रूमन की कार्यक्षमता कम हो जाती है तथा रूमन स्थिर हो जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप पशु >>>

पशुओं की बीमारियाँ

दुधारू पशुओ में जैव उत्तेजना एक प्रजनन क्षमता बढ़ाने का प्राकृतिक माध्यम

एक दुग्ध व्यवसाय की आर्थिक सफलता पशुओ के उत्पादक और प्रजनन प्रदर्शन से निर्धारित होती है। लैंगिक परिपक्कता, विलंबितयौन परिपक्वता, कम गर्भधारण दर >>>

पशुओं की बीमारियाँ

ममीभूत गर्भ (मरा व सूखा हुआ बच्चा) दुधारू पशुओं में गर्भावस्था की एक विषम समस्या

ममीफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा गर्भाशय में बच्चा मर कर सूख जाता है तथा इसे ममीभूत गर्भ कहते हैं। ऐसा प्रायः गायों में अधिक होता है। इसमें बच्चा गर्भावस्था के पूरे समय तक जीवित नहीं रह पाता >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में होनें वाले अफारा रोग एवं उससे बचाव

अफारा का अर्थ रूमेन रोमांथिका में अत्यधिक मात्रा में गैस का इकट्ठा होना है। रूमन में सामान्य तौर पर हल्की गैस बनती रहती है। गैस के एकत्रित होने का कारण गैस के >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं के ब्याने के समय और उसके तुरंत बाद की सावधानियां

पशुओं के अंतिम तीन महीने तथा प्रसव काल की अवधि जोखिम भरी होती है, इसलिए पशुपालकों को पशुओं के ब्याने के समय और उसके तुरंत बाद की सावधानियों की जानकारी होना अति आवश्यक है ताकि संभावित जोखिमों को टाला >>>

पशुओं में गर्भपात के प्रमुख कारण एवं निवारण
पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में गर्भपात के प्रमुख कारण एवं निवारण

पशुओं में गर्भपात की समस्या पशुपालकों की अर्थव्यवस्था पर बहुआयामी नकारात्मक प्रभाव डालती है जैसे- भविष्य की पीढ़ी की हानि, 2 बच्चों के जन्म के मध्य अधिक समय >>>

पशुओं की बीमारियाँ

गाय एवं भैंस में मसृणित गर्भ की पहचान एवं उपचार

गाय एवं भैंसों में अधिकांशत गर्भावस्था के 4 से 6 महीने के बाद बच्चे की मृत्यु हो जाती है तथा जीवाणु या विषाणु का संक्रमण हो जाने से बच्चे का शरीर धीरे धीरे सड़ता या पचता रहता है इसे बच्चे का मेसीर >>>