पशु स्वास्थ्य एवं रोगी पशु के लक्षण तथा उनका प्रबन्ध
उत्पादन के दृष्टि से पशु स्वास्थ्य का बड़ा महत्व है। एक स्वस्थ पशु से ही अच्छे एवं स्वस्थ बच्चे (बछड़ा-बछिया) एवं अधिक दुग्ध उत्पादन की आशा की जा सकती है >>>
उत्पादन के दृष्टि से पशु स्वास्थ्य का बड़ा महत्व है। एक स्वस्थ पशु से ही अच्छे एवं स्वस्थ बच्चे (बछड़ा-बछिया) एवं अधिक दुग्ध उत्पादन की आशा की जा सकती है >>>
पशुओ में अफ़ारा रोग एक अचानक होने वाला रोग है, जिसमें वायु के प्रकोप के कारण से पेट फूल जाता है। अफ़ारा होने पर पशु को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है और पेट का आकार बढ़ जाता है। >>>
पशुओं में लंगडा बुखार (‘ब्लैक क्वार्टर’ या Black Quarter या BQ) साधारण भाषा में जहरबाद, फड़सूजन, काला बाय, कृष्णजंधा, लंगड़िया, एकटंगा आदि नामों से भी जाना जाता है। यह रोग प्रायः सभी स्थानों पर पाया >>>
गलघोटू रोग Haemorrhagic Septicaemia (HS) गाय और भैंसों की एक गंभीर जीवाणु (bacteria ) जनित बीमारी है, जो आम तौर पर मॉनसून के दौरान होती है। यह रोग “पास्चुरेला मल्टोसीडा” (Pasteurella mult >>>
सामान्य परिस्थितियों में एक स्वस्थ संकर नस्ल की बछड़ी को 18 माह या उससे पहले >>>
पशुपालन के लिए पशुओं को खराब मौसम से बचाने की आवश्यकता होती है ताकि पशुओं से प्राप्त उत्पादन के स्तर को बनाए रखा जा सके एवं पशुपालन से मुनाफा कमाया जा सके। बरसात के मौसम में पशुओं का खास ख्याल रखना >>>
पशुओं में पेट के कीड़े एक बड़ी समस्या है। पशुओं में परजीवी संक्रमण से पशुपालक को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है। >>>
पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स (पी.पी.आर.), जिसे ‘बकरियों में महामारी‘ या ‘बकरी प्लेग‘ के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें बकरियों और भेड़ों में बुखार, मुंह में घाव, दस्त, निमोनिया, और अंत में कभी-कभी >>>
थनैला रोग (Mastitis) दुधारू पशुओं को लगने वाला एक रोग है। थनैला रोग से प्रभावित पशुओं को रोग के प्रारंभ में थन गर्म हो जाता हैं तथा उसमें दर्द एवं सूजन हो जाती है। शारीरिक तापमान भी बढ़ जाता हैं। >>>
मुंहपका खुरपका रोग (Foot and Mouth Disease, FMD) फटे खुर (Cloven Footed) वाले पशुओं का अत्यन्त संक्रामक एवं >>>