पशुओं में होनें वाले परजीवी कीट रोग और उससे बचाव
पशु के शरीर में विभिन्न प्रकार के परजीवी निवास किया करते हैं। अपने भोजन के लिए ये दूसरे जीव के शरीर पर निर्भर रहते हैं। अतः जिस पशु के शरीर में ये निवास करते हैं , उस पशु के स्वास्थ्य में कुप्रभाव >>>
पशु के शरीर में विभिन्न प्रकार के परजीवी निवास किया करते हैं। अपने भोजन के लिए ये दूसरे जीव के शरीर पर निर्भर रहते हैं। अतः जिस पशु के शरीर में ये निवास करते हैं , उस पशु के स्वास्थ्य में कुप्रभाव >>>
थनैला रोग एक विश्वब्यापी बीमारी है जो केवल दुधारू पशुओं को ही प्रभावित करती है। यह रोग प्रमुखतः कुप्रबन्धन के कारण होती है। इस रोग में पशु की दूध उत्पादन क्षमता एवं दूध की गुणवत्ता विशेषकर वसा की मात्रा सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। >>>
ज्यादातर जठरआंत परजीवी एक पशु से दूसरे पशु में गोबर में आने वाले अण्डों द्वारा फैलते हैं। बारिश के बाद ये अण्डे काफी ज्यादा बड़े एरिया में फैल जाते हैं तथा घास द्वारा अन्य पशुओं में फैलते हैं। >>>
हमारे देश में कई प्रकार के कीट नाशक प्रयोग किये जाते है। रासायनिक प्रकृति के आधार पर जिनका वर्गीकरण निम्नलिखित है आरगैनीक्लोरीन समूह:- डी.डी.टी. , एल्ड्रीन , लीनडेन आदि आरगैनाफास्फेट >>>
बकरी प्लेग यह बकरियों और भेड़ों की एक तीव्र, अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जिसके विशेष लक्षण बुखार, एनोरेक्सिया, लिम्फोपेनिया, इरोसिव स्टामाटाइटिस, दस्त, मुख-नाक स्त्राव और श्वसन संकट हैं। >>>
मुहँपका-खुरपका रोग अत्यद्यिक शीग्र फैलने वाला वह विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो कि जुगाली करने वाले पशुओं में होता है। इस कारक विषाणु के 7 प्रकार तथा अनेको उपचार है मुहँपका-खुरपका रोग के कई अन्य >>>
यह पशु की त्वचा के ऊपर पाई जाने वाली सरल रसोलियाँ होती है। यह पशुओें के शरीर के ऊपर धीरे-धीरे बढ़ने लगती है तथा बाद में पकने लगती है। रोग का कारण यह रोग पैपोवायरस के कारण होता है। यह विषाणु पशुओं >>>
पशुओं में त्वचा की ऊपरी डरमिस, व एपिडर्मिस की परतों में सूजन का आ जाना चर्म रोग अर्थात डर्मेटाइटिस कहलाता है। यह किसी संक्रमण के कारण भी हो सकता है और उसके बिना भी हो सकता है। कारण जीवाणु जनित >>>
पशुओं में रहन सहन खानपान एवं रखरखाव में अचानक परिवर्तन या लापरवाही से उत्पन्न विकारों को प्राथमिक रोग या सामान्य रोगों की श्रेणी में रखा जाता है। पशुओं के पाचन संबंधी प्रमुख विकार निम्न है: अपच >>>
सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस-2 (सार्स कोरोना वायरस-2), संभवतः स्तनधारी प्राणी के माध्यम से प्रारंभिक उत्पति के बाद, वर्तमान में मानव-से-मानव में तीब्र गति से संचरित हो रहा है एवं >>>
खुरपका मुंहपका रोग खुर वाले पशुओं विशेषकर गाय-भैंस, भेड़, बकरी ऊंट व सूकर में पाया जाने वाला छुआछूत का रोग है इसे एपथस फीवर भी कहते हैं। यह बीमारी हमारे देश में हर स्थान में व्याप्त है। इस बीमारी >>>
न्यूमोनिया फेफड़ों का शोध होता है जिसमें श्वास गति बढ़ जाती है, सांस लेने में कठिनाई होती है, पशु लम्बी सांस लेता है तथा खांसी आती है। इसका प्रकोप या ता धीरे-धीरे होकर कुछ ही खंडों को प्रभावित करता >>>
रासायनिक पदार्थों का मानकता के अनुरूप सही रूप में, प्रयोग नहीं करने पर मनुष्य और पशुओं, के शरीर में पहुंचकर घातक प्रभाव प्रकट करते हैं जिसके फलस्वरूप पशु की >>>
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालक अपने पशुओं के उपचार के लिए एलोपैथिक औषधियों एवं आयुर्वेदिक घरेलू उपचार पर निर्भर रहते हैं। वर्तमान में लोकप्रिय होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक जर्मनी के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. हैनीमैन थे >>>