सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में “मैत्री” के 90 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

5
(122)

पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के मादा पशु रोग विभाग में संचालित 90 दिवसीय मल्टीपरपज आर्टिफिशियल इन्सैमिनेशन टेक्नीशियन इन रूरल इंडिया (मैत्री) का समापन समारोह आज दिनांक 10 सितंबर 2021 को पशु चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया जिसमे सरकार द्वारा नामित तीन जनपदों के 35 प्रशिक्षणार्थियों को सफल प्रशिक्षण तथा मूल्यांकन के पश्चात प्रमाण पात्र वितरित किये गए।

मैत्री

और देखें :  सितंबर/ भादो माह में पशुपालन कार्यों का विवरण

प्रशिक्षणार्थियों को विश्वविध्यालय के प्राध्यापकों द्वारा कृत्रिम गर्भाधान तथा गर्भ जाँच से सम्बंधित समुचित प्रशिक्षण दिया गया, प्रशिक्षण के पश्चात प्रशिक्षणार्थियों को उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद् द्वारा कृत्रिम गर्भाधान सम्बन्धी किट प्रदान की जाएगी तथा उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में कृत्रिम गर्भाधान कार्य हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे कृत्रिम गर्भाधान कार्य को व्यापक स्तर पर संपादित कराते हुए पशुओं में नस्ल सुधार की दिशा में कारगर कदम उठायें जा सके।

मैत्री

कार्यक्रम की अध्यक्षता पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजबीर सिंह द्वारा कि गयी। डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से पशुओं में नस्ल सुधार तथा ग्रामीण युवकों में स्वरोजगार की प्रबल संभावनाएं हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रतिवेदन पशु मादा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय सिंह द्वारा किया गया तथा धन्यवाद प्रस्ताव आयोजन सचिव डॉ. मनीष शुक्ल द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में हरदोई से 22, बस्ती से 08 तथा सोनभद्र से 05 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में डॉ. अतुल वर्मा, डॉ. अखिल पटेल एवं डॉ. आशुतोष त्रिपाठी की सराहनीय भूमिका रही।

और देखें :  पशुओं में गलघोटू रोग: लक्षण एवं बचाव Haemorrhagic Septicaemia (HS)

मैत्री

और देखें :  पशुधन से समृद्धि की ओर

यह लेख कितना उपयोगी था?

इस लेख की समीक्षा करने के लिए स्टार पर क्लिक करें!

औसत रेटिंग 5 ⭐ (122 Review)

अब तक कोई समीक्षा नहीं! इस लेख की समीक्षा करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

हमें खेद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी नहीं थी!

कृपया हमें इस लेख में सुधार करने में मदद करें!

हमें बताएं कि हम इस लेख को कैसे सुधार सकते हैं?

Author

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*