किसानों की खुशहाली के बगैर देश खुशहाल नहीं होगा- केन्द्रीय मत्स्य एवं पशु पालन मंत्री गिरिराज सिंह

5
(53)

17 2019: केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के केन्द्रीय सभागार में शनिवार में अनुसूचित जाति के लिए एक दिवसीय वैज्ञानिक बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केन्द्रीय मत्स्य एवं पशु पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि किसानों की आय को दुगुना करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन करना अति आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि खेतीबाड़ी के साथ किसान भैस, मुर्गी, बकरी का पालन कर अपनी आय में बढोत्तरी कर सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 350 किसान, बकरी पालकों ने भाग लिया जिसमें से 140 से अधिक महिलाऐं शामिल थी। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि अनुसंधान कार्यो को जब तक किसानों तक न पहुंचाया जाय तब किसानों को खुशहाल नहीं किया जा सकता और किसानों की खुशहाली के बगैर देश खुशहाल नहीं होगा।

इस अवसर पर क्षेत्रीय  विधायक श्री पूरन प्रकाश, ने कहा की राज्य एवं केंद्र सरकार की प्राथमिकता किसानो की आय बढ़ाने की है तथा इसके लिए कई परियोजना भी शुरू की जा रही है। संस्थान के निदेशक डाॅ. मनमोहन सिंह चौहान ने संस्थान की अनुंसधान के क्षेत्र में विभिन्न उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। इस अवसर पर बकरी पालन को बढावा देने के उद्देश्य से बनाये गए एक मोबाइल एप का भी उद्घतान किया गया, ये एप चार भाषाओं हिन्दी, तमिल, कन्नड़ और अंग्रेजी में बनाया गया है।

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् से आये मत्स्य पशु पालन, एवं दुग्ध मंत्रालय के संयुक्त सचिव डाॅ. ओ.पी. चैधरी, डाॅ. अशोक कुमार, सहायक निदेशक पशु विज्ञान, भा.कृ.अनु. प. नई दिल्ली, डाॅ. यू.वी. चैधरी, डाॅ. मनोज कुमार सिंह, डाॅ. वी. राजकुमार, डाॅ. साकेत भूषण, डाॅ. एस.डी.खर्चे इत्यादि वैज्ञानिक उपस्थित थे।

और देखें :  अपर मुख्य सचिव ने किया प्रगतिशील कृषक गुलाम मोहम्मद के कड़कनाथ और बटेर फार्म का भ्रमण

यह लेख कितना उपयोगी था?

इस लेख की समीक्षा करने के लिए स्टार पर क्लिक करें!

औसत रेटिंग 5 ⭐ (53 Review)

अब तक कोई समीक्षा नहीं! इस लेख की समीक्षा करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

हमें खेद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी नहीं थी!

कृपया हमें इस लेख में सुधार करने में मदद करें!

हमें बताएं कि हम इस लेख को कैसे सुधार सकते हैं?

Author

और देखें :  पराली प्रबंधन पर राष्ट्रीय किसान सम्मेलन का हुआ आयोजन

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*