राजस्थान के पशुपालन मंत्री ने वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से विभागीय योजनाओं की समीक्षा की

4.8
(61)
मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने पशुओं के जरूरी टीके समय पर लगाने एवं नए पशु चिकित्सा उप केन्द्रों के लिए भवन निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भिजवाने के निर्देश दिए हैं।
श्री कटारिया सोमवार को यहां शासन सचिवालय में पशुपालन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंस कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। पशुपालन मंत्री ने नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान कर उसका इनफॉर्मेशन नेटवर्क फॉर एनिमल प्रोडक्टिविटी एंड हेल्थ (इनाफ) पर इन्द्राज करने और पशुओं के लिए आवश्यक सभी टीके समय पर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्यभर में खोले जा रहे नवीन पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों के लिए भूमि का चयन पूर्ण कर भवन निर्माण करवाने के प्रस्ताव निदेशालय को अति शीघ्र भिजवाने के निर्देश दिए।
 
पशुपालन मंत्री ने संपर्क पोर्टल पर प्राप्त लंबित शिकायतों का निर्धारित समय पर निस्तारण करने के लिए विभागीय अधिकारियों को हिदायत दी। उन्होंने वर्तमान सरकार की जन घोषणा, बजट घोषणा, पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए सरकार की सभी लाभकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ पशुपालकों को प्रदान करने का आह्वान किया।
 
वीडियो कॉफ्रेंस में पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. राजेश शर्मा, निदेशक डॉ. शैलेश शर्मा व राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एलएल राठौड़ ने भी विभागीय गतिविधियों के शत प्रतिशत भौतिक व वित्तीय लक्ष्य अर्जित करने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
और देखें :  राजस्थान में 900 पशु चिकित्सकों के पद भरने की प्रक्रिया शीघ्र- पशुपालन मंत्री

यह लेख कितना उपयोगी था?

इस लेख की समीक्षा करने के लिए स्टार पर क्लिक करें!

और देखें :  निष्क्रमण से लौट रही भेड़ों के रेवड़ का स्वास्थ्य जाँच एवं उनका इलाज

औसत रेटिंग 4.8 ⭐ (61 Review)

अब तक कोई समीक्षा नहीं! इस लेख की समीक्षा करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

हमें खेद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी नहीं थी!

कृपया हमें इस लेख में सुधार करने में मदद करें!

हमें बताएं कि हम इस लेख को कैसे सुधार सकते हैं?

Author

और देखें :  अन्तिम छोर पर बैठे पशुपालकों को मिले पशुपालन के नवीनतम ज्ञान का लाभ- राज्यपाल श्री कलराज मिश्र

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*