पशुओं की बीमारियाँ

दुधारू पशुओं में ढेलेदार त्वचा रोग (लंपी स्किन डिसीज) कारण एवं निवारण

लंपी स्किन डिसीज अर्थात एल .एस. डी. गोवंश पशुओं में होने वाला विषाणु जनित अत्यंत संक्रामक रोग है। यह पॉक्स परिवार के विषाणु जिससे अन्य पशुओं में पाक्स अर्थात माता रोग होता है। पहली बार वर्ष 1929 में >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में होने वाली प्रजनन संबंधी समस्याओं तथा उनका प्रबंधन

प्रजनन संबंधी रोग सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक है जो डेयरी गायों के उत्पादन और उत्पादकता को प्रभावित करती है। इनमें से अधिकांश समस्याएं प्रसव के समय और उसके तुरंत बाद उत्पन्न होती हैं। जिसके >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में दुग्ध ज्वर: मिल्क फीवर

दुग्ध ज्वर को प्रसवकालीन ज्वर, दूध का बुखार तथा प्रसवकालीन रक्त मूर्दा के नाम से भी जाना जाता है। इसमें मुख्यतः मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशु प्रजनन को प्रभावित करने वाले संक्रामक रोग

पशुओं के प्रजनन को प्रभावित करने वाले मुख्य संक्रामक कारण जीवाणु विषाणु प्रोटोजोआ एवं कवक जनित हो सकते हैं। जीवाणु जनित कारण निम्नांकित हो सकते हैं: ब्रूसेलोसिस अर्थात संक्रामक गर्भपात कैंपाइल >>>

पशुओं की बीमारियाँ

वन हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत पशुजन्य (Zoonotic) रोगों के नियंत्रण में पशु चिकित्साविदो का योगदान

पशुजन्य रोग अथवा Zoonosis ऐसे संक्रामक रोग हैं जो विभिन्न प्रजातियों जैसे : पशुओं से मनुष्यों में अथवा मनुष्यों से पशुओं तक संचारित होते हैं I अन्य शब्दों में कहें तो रोगों के विभिन्न कारक जो >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओ में सर्रा रोग

सर्रा रोग (Surra) मेरुडण्ड वाले प्राणियों को लगने वाला रोग है। यदि इसका इलाज नहीं किया गया तो पशु मर सकता है। यह रोग ट्रिपनोसोमा-इवेनसाई (Trypanosoma evansi) नामक परजीवी के कारण होता है। >>>

पशुओं की बीमारियाँ

अनु उत्पादक गायों में बिना बच्चा दिए दुग्ध उत्पादन की उत्तम तकनीक

श्वेत क्रांति के जनक स्वर्गीय वर्गीज कुरियन के अथक प्रयास के परिणाम स्वरूप आज के परिवेश में गांव -गांव में शंकर गाय आम तौर पर देखी जा सकती हैं। इससे दुग्ध उत्पादन में भारत पूरे विश्व में प्रथम स्थान >>>

पशुओं की बीमारियाँ

दुधारू पशुओं के प्रमुख रोग व उनका उपचार

दुधारू पशुओं में अनेक कारणों से बहुत सी बीमारियाँ होती है। सूक्ष्म विषाणु, जीवाणु, फफूंदी, अंत: व ब्रह्मा परजीवी, प्रोटोजोआ, कुपोषण तथा शरीर के अंदर की चयापचय (मेटाबोलिज्म) क्रिया में विकार आदि प्रमुख कारणों में है >>>

पशुओं की बीमारियाँ

सामाजिक जीवन पर कृषि रसायनों के दुष्प्रभाव, रोकथाम एवं नियंत्रण

विश्व में लगभग 45% फसल कीट और रोगों द्वारा नष्ट हो जाती है। अतः विश्व में भोजन की मांग को पूरा करने के लिए कीटनाशकों का उपयोग कृषि में कीटों और रोगों के खिलाफ अतिआवश्यक है। इसी प्रकार फसल कटाई के >>>

पशुओं की बीमारियाँ

जीवाणु व विषाणु जनित शूकर के जूनोटिक रोग

शूकर पालन भारत के ग्रामीण क्षेत्रो में किया जाने वाला व्यवसाय है। शूकर पालन विशेषतया जनजातीय समूहों के द्वारा किया जाता है। यह निर्धन तबके के लिए भोजन व आय का प्रमुख साधन है। जूनोटिक रोग वो रोग होते >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में दस्त अर्थात डायरिया के कारण लक्षण एवं प्राथमिक उपचार

पशु के बार-बार पतला पानी जैसा पिचकारीवत गोबर का आना दस्तों के लक्षण हैं। त्रुटिपूर्ण आहार, फफूंद लगे आहार तथा अचानक आहार में परिवर्तन व भौतिक दशा तथा परिवेश में अंतर तथा परजीवी, जीवाणु और विषाणु से >>>

पशुओं की बीमारियाँ

बकरियों में प्रतिरोधक कृमियों की समस्या

बकरियों में कृमि मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं। फीता कृमि: ये पशुओं की आंतों में पाये जाते हैं तथा अपने पोषण के लिये पशुओं पर निर्भर करते हैं। पर्ण कृमि: ये पत्तीनुमा होते हैं तथा यकृत, >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पशुओं में जोहनीजरोग (पैराट्यूबरक्लोसिस) के कारण, लक्षण एवं नियंत्रण

जोहनीज रोग भेड़, बकरियों एवं गोपशुओं मैं माइकोबैक्टेरियम पैराट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से होने वाला एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है। यह रोग भारत के लगभग हर प्रदेश में पाया जाता है। यह जीवाणु मनुष्य मे >>>

पशुओं की बीमारियाँ

पालतू पशुओं में नाइट्रेट एवं नाइट्राइट की विषाक्तताओं के कारण एवं निवारण

जब किसी स्वस्थ पशु की आकस्मिक मृत्यु होती है तो उसमें विषाक्तता का संदेह उत्पन्न होता है। यह विषाक्तता कोई जहरीला रसायन खाने से अथवा चारे के साथ जहरीले पौधे खाने से होता है। पशुपालकों को मुख्य >>>